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पड़ोस का माल मेरा था


Kamukta, antarvasna मैं अपनी कॉलनी का सबसे ज्यादा शरारती लड़का हूं मेरे कॉलोनी में मेरे काफी दोस्त हैं लेकिन मेरी मम्मी मुझे हमेशा कहती है कि बेटा अब तुम बड़े हो चुके हो तुम अब कॉलेज में जा चुके हो इसलिए यह सारी हरकतें छोड़ दो। मेरे अंदर तो जैसे अब भी बचपना था मैं आये दिन कोई ना कोई झगड़ा किया करता था जिससे मेरी मम्मी बहुत परेशान होती थी और वह हमेशा मुझे डांटा करती थी लेकिन मैं जैसे सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा था मैं शायद सुधरना भी नहीं चाहता था क्योंकि मेरी दोस्ती ही ऐसी थी परंतु मेरे जीवन में उस वक्त बदलाव आया जब मैंने पहली बार मोनिका को देखा था। हम लोग इंदौर में रहते हैं और जब मैं शाम के वक्त घर में था तो मैंने सोचा आज मैं अपने दोस्त को फोन कर लेता हूं और उसके घर चले जाता हूं मैंने अपने दोस्त को फोन किया और उससे बात करने लगा मैं छत में ही टहल रहा था।

मेरा दोस्त मुझे कहने लगा मैं तो इंदौर से बाहर आया हूं मैंने उसे कहा लेकिन तुमने तो मुझे कोई जानकारी नहीं दी वह कहने लगा मैं तुम्हें क्या बताऊं बस जल्दी बाजी में मुझे निकलना पड़ा इसलिए मैं तुम्हें कुछ बता ना सका। मैंने फोन रखा तो मैंने सामने वाली छत पर देखा एक लड़की अपने बाल सुखा रही थी उसने अपने बालों को खोला हुआ था और वह आराम से खड़ी थी उसे जैसे कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा था मैंने उसे देखना शुरू किया तो वह मुझसे अपनी नजरों को बचाने लगी जब वह चली गई तो मुझे लगा रहा था उसे जिस प्रकार से मैं देख रहा था वह उसे अच्छा नहीं लगा और वह चली गई। मैं भी अपने घर पर चला आया परंतु उस लड़की का चेहरा मेरे दिमाग से उतरा ही नहीं था मैं जब शाम के वक्त अपने दोस्तों से मिला तो मैंने अपने दोस्तों से उसके बारे में पूछा लेकिन उसके बारे में किसी को पता नहीं था सब लोग कहने लगे हमें तो मालूम भी नहीं है कि तुम्हारे पड़ोस में कोई लड़की रहती है। मैंने उन्हें कहा मैं भी तो इसी बात से चकित हूं कि मेरे पड़ोस में कोई लड़की रहती है और मुझे पता ही नहीं है वह मुझे कहने लगे लेकिन हमने कभी भी तुम्हारे घर के आस पास ऐसी कोई लड़की नहीं देखी। मैं भी सोच में पड़ गया कि आखिरकार वह लड़की है कौन?

मैं उसके बारे में जानने को उत्सुक था क्योंकि वह लड़की मुझे बहुत अच्छी लगी थी और उसके चेहरे में एक अलग ही चमक थी जिसे देख कर मैं उसकी तरफ प्रभावित हो गया था। मैंने उसके बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की और मैंने अपने घर के पास के पनवाड़ी से पूछा कि तुमने यहां किसी लड़की को देखा है मैंने उसे उस लड़की की फोटो दिखाई। मैंने उस दिन चुपके से छत पर उसकी फोटो ले ले थी। वह मुझे कहने लगा हां यह आपके घर के दो घर छोड़कर ही रहती है और इसका नाम मोनिका है मैंने उसे कहा लेकिन तुम्हें कैसे पता इसका नाम मोनिका है। वह मुझे कहने लगा दरअसल एक दिन मेरी दुकान के पास से वह गुजर रही थी तो उसके साथ की लड़की ने उसे आवाज देते हुए बुलाया और कहा मोनिका तुम इतनी तेज कहां चल रही हो तब मुझे पता चला की इसका नाम मोनिका है और मैं उसे आय दिन सुबह के वक्त यहां से जाते वक्त देखता हूं। मैंने उसे पचास का नोट दिया और कहा तुम मुझे बताओ कि वह कितने बजे यहां से गुजरती है उसने मुझे कहा वह नौ बजे यहां से गुजरती है जब उसने मुझसे यह कहा तो मैं खुश हो गया और अगले दिन नौ बजे मैं तैयार होकर आ गया। जब मैं सुबह तैयार होकर गया तो मैं अपनी बाइक पर बैठा हुआ था मैंने देखा मोनिका भी वहीं से गुजर रही थी जब मैंने उसे देखा तो मेरे दिल की धड़कन बढ़ने लगी और मैं जैसे उससे बात करना चाहता था लेकिन उससे बात करने की मेरी हिम्मत नहीं हुई और मैंने उससे बात नहीं की। मैंने उसका पीछा किया तो मैंने देखा वह किसी हॉस्पिटल में जा रही थी मुझे यह तो पता चल गया की मोनिका यहां पर जॉब करती है, उस दिन के पाद मैं हर रोज सुबह तैयार होकर नौ बजे रोड़ पर खड़ा हो जाता और उसे देखा करता करीब एक महीना हो चुका था और उसे भी शायद पता चल चुका था कि मैं उसे ही देखा करता हूं। जब भी मोनिका मुझे देखती तो मैं सिर्फ उसे देखा करता परंतु मुझे नहीं पता था कि वह बड़ी सख्त किस्म की लड़की है और मेरी दाल वहां गलने वाली नहीं है।

एक दिन उसने मुझसे कहा तुम मेरा पीछा क्यो करते रहते हो मुझे यह बिल्कुल भी पसंद नहीं है और यदि तुम ऐसे ही मेरा पीछा करोगे तो मैं तुम्हारी कंप्लेंट पुलिस में लिखवा दूंगी। जब उसने मुझसे यह कहा तो मुझे लगा यह तो बड़ी ही तेज लड़की है मैं उसके बाद तो उस पर पूरी तरीके से फिदा हो चुका था मैं जब भी मोनिका को देखता तो उसे देखकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो जाती एक दिन मैंने हिम्मत करते हुए मोनिका से बात कर ली और उसे अपने दिल की बात बता दी। मैंने उसे कहा मैं तुमसे प्यार करता हूं इसलिए मैं तुम्हारा पीछा करता हूं शायद तुम्हें यह सब गलत लगता होगा लेकिन मुझे इसमें कोई भी गलती नजर नहीं आती वह मुझे कहने लगी यदि इतनी हिम्मत है तो कुछ काम क्यों नहीं कर लेते हर दिन आवारा गिर्दी करते रहते हो यदि कुछ कमाओ तो ही तुम्हें पता चलेगा। उस दिन उसकी बात मुझे बहुत ही बुरी लगी वह मेरे दिल पर लग गई क्योंकि मैं दिन भर सिर्फ आवारा गिर्दी ही किया करता था इसलिए उसकी बात मेरे दिल पर लगी। मैंने भी अब नौकरी करने के बारे में सोच लिया लेकिन मैं जहां भी इंटरव्यू देने जाता तो वहां पर मेरा सिलेक्शन नहीं हो पाता मुझे तो यह लग चुका था कि मेरे अंदर बहुत कमी है इसलिए मुझे नौकरी नहीं मिल पाती लेकिन मैंने हिम्मत नहीं हारी और मैं हर जगह नौकरी के लिए ट्राई करता रहा आखिरकार मुझे नौकरी मिल गई।

अब मैं हमेशा सुबह के वक्त ऑफिस जाया करता और शाम को घर लौटता शायद यह बात मोनिका को भी पता चल चुकी थी इसलिए जब भी वह मुझे देखती तो उसके चेहरे पर एक अलग ही मुस्कान होती लेकिन ना तो उसकी हिम्मत मुझसे बात करने की थी और ना ही मैं मोनिका से बात किया करता लेकिन मुझे तो किसी भी हाल में मोनिका के दिल में अपने लिए जगह बनानी थी और उसके लिए मैं कुछ भी करने को तैयार था। मैंने सोच लिया था कि मुझे मोनिका से किसी भी हाल में बात करनी है एक दिन मैने मोनिका से बात की और उस दिन किस्मत से वह अकेली थी उसकी सहेली साथ में नहीं थी मैंने उसे कहा मैं तुम्हें छोड़ देता हूं। वह कहने लगी नहीं मैं चली जाऊंगी लेकिन उसके दिल में भी शायद मेरे लिए जगह बन चुकी थी और फिर मैंने उसके अस्पताल तक उसे छोड़ा उस दिन राश्ते में हमारी काफी बात हुई। मैंने उसे कहा यदि तुम्हें कोई परेशानी ना हो तो क्या मैं शाम को तुम्हें लेने आ सकता हूं वह मुझे कहने लगी क्यों नहीं तुम जरूर मुझे लेने के लिए आ जाना, उसके यह कहने से मैं खुश हो गया और शाम के वक्त मैं उसे लेने के लिए चला गया उस दिन भी शाम को हमारी काफी बात हुई। उसने मुझसे पूछा क्या तुमने जॉब ज्वाइन कर ली तो मैंने उसे कहा हां मैं जॉब करने लगा हूं वह मेरी इस बात से बहुत इंप्रेस हो गई थी और कहने लगी चलो कम से कम तुम्हें कुछ समझ तो आया नहीं तो तुम दिन बर्बाद करते रहते थे। मैंने मोनिका से कहा यह सब तुम्हारी वजह से संभव हो पाया है मेरे अंदर तुमने हीं बदलाव लाया है वह बहुत खुश थी और मैं भी बहुत खुश था हम दोनों शायद अब एक दूसरे के हो चुके थे क्योंकि हम दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई थी। हम लोग फोन पर घंटों तक बात किया करते थे और अब हम लोग मिला भी करते थे हम लोग एक साथ समय बिताते थे।

मोनिका मेरी बातों को समझ चुके थी मेरे दिल में उसके लिए कितना प्यार है वह मेरे प्यार को भी समझ चुकी थी इसीलिए वह कभी भी मेरा दिल नहीं दुखाना चाहती थी और हमेशा मेरी बातों को मान लिया करती। जब भी मैं मोनिका के साथ समय बिताता तो मुझे बहुत अच्छा लगता उसकी बातें सुनकर मैं खुश हो जाता मुझे ऐसा लगता जैसे कि मैं मोनिका के साथ ही समय बताता रहूं। एक दिन रात को हम दोनों ने फोन पर काफी देर तक बात की है उस दिन हम दोनों के बीच अश्लील बातें हुई वह कुछ ज्यादा ही उत्तेजित हो गई जिससे कि हम दोनों उस दिन एक दूसरे के लिए फिदा हो गए और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने की ठान ली। हम दोनों ने जब एक दूसरे के साथ सेक्स किया तो मुझे बड़ा अच्छा लगा जब अगले दिन मोनिका मुझे मिली तो मोनिका मेरे सामने थी मैंने उसके होठों को चूमना शुरू किया और उसके नरम होंठो को मैंने एक मिनट तक अपने होंठो मे लेकर चूसा उसे बड़ा अच्छा लगा।

मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डाला तो वह चिल्ला पड़ी और कहने लगी तुम्हारा लंड तो बहुत मोटा है मैंने उसे कहा तुम्हें क्या लगा था। मुझे मालूम नहीं था कि मोनिका की चूत एकदम सील पैक है मेरा लंड जब उसकी योनि में गया तो उसकी सील टूट चुकी थी और उसे बहुत तकलीफ हो रही थी। मुझे उसे धक्के देने में बड़ा मजा आया मैं उसे लगातार धक्के देता रहा मैंने उसे घोड़ी बनाकर चोदा जब मै उसे घोड़ी बनाकर चोदता तो मुझे उसे चोदने में जो मजा आया वह मजा अलग ही था। वह मेरे लिए एक अलग मजा था मैंने उसे तेजी से धक्के देता रहता उसका शरीर पूरा हिल जाता, उसकी बड़ी चूतडे मेरे लंड से टकराते ही धराशाई हो जाती जैसे ही मेरा वीर्य गिरा तो मोनिका कहने लगी तुमने तो मेरी हालत ही खराब कर दी। मैंने उसे कहा इसी में तो मजा है और अभी तो सिर्फ पहली बार ही सेक्स हुआ। उसके बाद तो हम दोनों के बीच हमेशा सेक्स होता रहता, मोनिका और मेरे बीच में हर रोज सेक्स हुआ करता है और हम दोनों एक दूसरे की इच्छा को बड़े अच्छे से पूरा किया करते हैं।

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